जीवन को मोक्ष की ओर प्रवृत्त करना है तो भागवत की शरण जरुरी – पं. शर्मा
मालवा मील अग्रवाल पंचायत की मेजबानी में अग्रवाल धर्मशाला पर ज्ञान यज्ञ में पहुँच रहे 40 कॉलोनियों के श्रद्धालु
इंदौर। भागवत वह कथा है जो जन्म जन्मान्तर के पुण्योदय के बाद नसीब होती है। भागवत को चाहे कल्पवृक्ष कह लें, महासागर अथवा सदगुणों का खजाना-सबका सार यही है कि जीवन को मोक्ष की ओर प्रवृत्त करना है तो भागवत की शरण जरुरी है। भगवान के अवतार सज्जनों के कल्याण और दुर्जनों के विनाश के लिए ही होते हैं। रामायण जीना सिखाती है और भागवत मरना अर्थात मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग दिखाती है।
राजस्थान के प्रख्यात भागवताचार्य पं. सतीशचन्द्र शर्मा ने बुधवार को श्री मालवा मील अग्रवाल पंचायत की मेजबानी में अग्रवाल धर्मशाला, वाय एन रोड पर चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में शुकदेव जन्म एवं अमरनाथ कथा प्रसंग के दौरान उक्त प्रेरक विचार व्यक्त किए। कथा शुभारंभ के पूर्व मुख्य यजमान श्रीमती श्यामा नरेश मित्तल, उषा-सुशील अग्रवाल, पंचायत के अध्यक्ष गोविन्द गर्ग भमोरी, सुभाष अग्रवाल, कल्याण अग्रवाल, मनोहर अग्रवाल, संयोजक राजेश अग्रवाल, अर्पण गर्ग, उमेश मंगल, संतोष गोयल, राजा गर्ग आदि ने व्यास पीठ का पूजन किया। विद्वान वक्ता की अगवानी पंचायत के प्रमुख रामचरण अग्रवाल, कैलाश मित्तल, अरविन्द गोयल, प्रमोद अग्रवाल आदि ने की। संचालन महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका पोत्दार ने किया और आभार माना सुशील अग्रवाल ने। कथा 1 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगी। इस ज्ञान यज्ञ में मालवा मील क्षेत्र से जुड़ी क्षेत्र की 40 कॉलोनियों एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु भागीदार बन रहे हैं।
आज श्रीराम जन्मोत्सव, कल कृष्ण जन्मोत्सव– भागवत कथा में गुरुवार 28 मई को श्रीराम जन्मोत्सव, 29 को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 30 को गोवर्धन पूजन एवं 56 भोग दर्शन, 31 को रुक्मणी विवाह तथा सोमवार 1 जून को सुदामा चरित्र की कथा के साथ भागवत महापूजन एवं यज्ञ हवन के बीच शुकदेवजी की बिदाई के साथ समापन होगा। श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव फूलों की होली के साथ मनाया जाएगा। रुक्मणी विवाह के लिए श्रद्धालुओं से हल्दी-मेहँदी लगाकर आने का आग्रह किया गया है।


