सोने की खरीदी एक वर्ष भले ही न करें, लेकिन घरों और लॉकर्स में रखा पुराना गोल्ड बेचकर डायमंड खरीदी करना ज्यादा फायदेमंद होगा
महिला प्रकोष्ठ अग्रवाल समाज की मेजबानी में “लव यू जिन्दगी” श्रृंखला में सखियों ने लिया मॉकटेल बनाने का भी प्रशिक्षण
इंदौर । आने वाले समय में सोने के साथ डायमंड की खरीदी करना भी फायदेमंद साबित होगा। इसी तरह थोड़ी-थोड़ी मात्रा में चांदी भी खरीदते रहना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि हमारे पास घरों या लॉकर्स में जो ओल्ड गोल्ड पड़ा हुआ है, उसे बाजार में लाएं और उसके बदले में डायमंड के गहने खरीद लें ताकि भविष्य में उनसे भी हमें अच्छे दाम मिल सकें।
यह कहना है स्वर्ण आभूषण विशेषज्ञ, जेवर के प्रमुख सुदीप सेठी का, जो उन्होंने महिला प्रकोष्ठ अग्रवाल समाज द्वारा मंगलवार को अपने “लव यू जिन्दगी” कार्यक्रम की श्रृंखला में विजय नगर स्थित एक होटल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। सेठी ने कार्यक्रम में शामिल 100 से अधिक सखियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि इन दिनों स्वर्ण की खरीदी को लेकर बहुत सी बातें चल रही हैं लेकिन सच्चाई यही है कि आने वाले समय में स्वर्ण के भाव बढ़ेंगे। प्रधानमंत्रीजी ने अभी सोना नहीं खरीदने की अपील की है तो हम भले ही एक वर्ष के लिए सोने की खरीदी नहीं करें लेकिन इसके बाद यही स्वर्ण एक सुरक्षित निवेश साबित होगा। स्वर्ण के अलावा डायमंड की खरीदी भी हमारे लिए फायदेमंद हो सकती है हालाँकि आजकल आर्टिफीशियल डायमंड का चलन इन दिनों बहुत ज्यादा बढ़ गया है। पान की दुकानों की तरह कृत्रिम डायमंड की दुकानें भी खुलने लगी हैं। हम यदि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में स्वर्ण के साथ चांदी और डायमंड की खरीदी करें तो आगे चलकर हमें निश्चित ही अच्छा लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही हमारे घरों और लॉकर्स में रखे गोल्ड को भी इस समय निकालना ज्यादा फायदेमंद होगा। हम पुराना स्वर्ण और अपनी ज्वेलरी बेचकर नए डायमंड की खरीदी कर भविष्य में अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ओल्ड गोल्ड की कीमत वर्तमान भाव के हिसाब से हमें कई गुना बढ़कर मिल सकेगी।
प्रारम्भ में प्रकोष्ठ की प्रमुख प्रतिभा मित्तल और इस आयोजन की सहयोगी राखी ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। मामामिया होटल के मॉकटेल एक्सपर्ट लोकेश ने सखियों को कई तरह की मॉकटेल बनाने का प्रशिक्षण भी दिया और उनका फायदा भी बताया। घरों में आने वाले मेहमानों से लेकर बच्चों और महिलाओं के लिए अलग-अलग तरह से मॉकटेल बनाने का प्रशिक्षण भी उन्होंने दिया जिसे सखियों ने पूरी दिलचस्पी के साथ सीखा। उन्होंने कहा कि मॉकटेल के फ्लेवर्स में बैलेंस रखना जरुरी है। मॉकटेल हल्के मीठे ज्यादा अच्छे लगते हैं। आइस क्यूब की जगह क्रश्ड आइस ज्यादा स्वाद देगा। मौसम के अनुसार अलग-अलग तरह के मॉकटेल्स बनाना चाहिए।
इसके पूर्व आयोजित विभिन्न गेम्स में डॉ. सोनाली, संगीता, नीलम, मोनिका, स्नेहा, तिल्लोत्तमा, अनुजा, डांस में पूनम, कविता, करुणा, नेहा, मधु, कृष्णा, काजल, स्मिता और विशेषरूप से मदर्स डे के उपलक्ष्य में आयोजित वीडियोग्राफी स्पर्धा में कृष्णा और नीना ने बाजी मारकर विजेता का ख़िताब हासिल किया। कार्यक्रम में एंकर मन जैन ने अपने दिलचस्प अंदाज में प्रस्तुतियां दी और कार्यक्रम का संचालन किया। सखियों ने डीजे की धुन पर नाचते गाते हुए मदर्स डे का जश्न भी मनाया और स्वर्ण तथा डायमंड सहित मॉकटेल से जुड़े विषयों पर अनेक दिलचस्प और उपयोगी जानकारियां भी प्राप्त की।


