सूरजकुंड, राजस्थान | विशेष समाचार
सूरजकुंड धाम में आज आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जब पूज्य सूरजकुंड महाराज श्री पावन नर्मदा परिक्रमा पूर्ण कर पुनः सूरजकुंड धाम पधारे। महाराज श्री के आगमन पर श्रद्धालुओं ने जयकारों, पुष्पवर्षा एवं मंगल वाद्यों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

नर्मदा परिक्रमा सनातन परंपरा की अत्यंत कठिन एवं पुण्यदायी यात्राओं में से एक मानी जाती है, जिसमें श्रद्धालु माँ नर्मदा के दोनों तटों की परिक्रमा कर उनकी कृपा प्राप्त करते हैं। हाल के वर्षों में नर्मदा परिक्रमा में लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता देखी गई है और यह यात्रा देश की प्रमुख आध्यात्मिक यात्राओं में शामिल हो चुकी है।
महाराज श्री ने अपनी यात्रा के दौरान विभिन्न तीर्थस्थलों, आश्रमों एवं संत-महात्माओं के दर्शन कर धर्म, सेवा और साधना का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। सूरजकुंड धाम में उनके आगमन पर आयोजित स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर महाराज श्री ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, तपस्या और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का मार्ग है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
- महाराज श्री के पुनः सूरजकुंड धाम पधारने से सम्पूर्ण क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है। भक्तों का मानना है कि उनके सान्निध्य से धाम में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिभाव का नया संचार होगा।



