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भगवान का अवतरण भक्तों की रक्षा और दुष्टों के नाश के लिए ही हुआ है -भागवताचार्य पं. सतीशचन्द्र शर्मा

भगवान का अवतरण भक्तों की रक्षा और दुष्टों के नाश के लिए ही हुआ है –भागवताचार्य पं. सतीशचन्द्र शर्मा

 

हमारी भक्ति अडिग और अखंड रहेगी तो रक्षा के लिए भगवान को आना ही पड़ेगा-पं. शर्मा
मालवा मील अग्रवाल पंचायत की मेजबानी में चल रहे ज्ञान यज्ञ में आज होगा रुक्मणी विवाह का उत्सव

इंदौरी। भगवान का अवतरण भक्तों की रक्षा और दुष्टों के नाश के लिए ही हुआ है। उनकी प्रत्येक लीला में प्राणी मात्र के प्रति सदभाव और कल्याण का चिंतन होता है। संसार की दृष्टि से हम भगवान की लीलाओं का चाहे जो अर्थ-अनर्थ निकालें, शाश्वत सत्य तो यही है कि यदि हमारी भक्ति अडिग और अखंड रहेगी तो भगवान को रक्षा के लिए आना ही पड़ेगा। भक्ति निष्काम और निर्दोष होना चाहिए। भगवान की भक्ति किसी भी भाव से करें, कभी निष्फल नहीं होती।
ये दिव्य विचार हैं राजस्थान के प्रख्यात भागवताचार्य पं. सतीशचन्द्र शर्मा के, जो उन्होंने श्री मालवा मील अग्रवाल पंचायत की मेजबानी में वाय एन रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला पर चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में शनिवार को गोवर्धन पूजन, बाल लीला एवं 56 भोग प्रसंगों के दौरान व्यक्त किए। कथा स्थल पर बाल ग्वालों संग भगवान को 56 भोग समर्पित कर उत्सव भी मनाया गया। महिलाओं ने अपने-अपने घरों से गाय के दूध से बने व्यजंन लाकर गोबर से निर्मित गोवर्धन पर्वत को 56 भोग समर्पित किए और आरती भी की। पंचायत के अध्यक्ष गोविन्द गर्ग भमोरी, मंत्री सुशील अग्रवाल, कथा संयोजक राजेश अग्रवाल, अर्पण गर्ग एवं उमेश मंगल ने बताया कि एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया, समाजसेवी गणेश गोयल, नारायण अग्रवाल 420 पापड़ वाले, पूर्व मंडी अध्यक्ष संजय अग्रवाल, संतोष गोयल, अजय गोयल, रामचरण अग्रवाल, विनोद मंगल, राजू अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, कल्याण अग्रवाल, मनोहर अग्रवाल, बालकिशन सिंघल, लक्ष्मीनारायण कसेरा, बाबू भाई सहित बड़ी संख्या में मेहमानों और समाज बंधुओं ने व्यास पीठ का पूजन कर उत्सव और आरती में भाग लिया।
सैकड़ों भक्तों ने उत्सव में मनोहारी भजनों पर नाचते-गाते हुए खुशियाँ व्यक्त की। महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका पोत्दार एवं अन्य महिलाओं ने भी 56 भोग समर्पित किए। मुख्य यजमान श्रीमती श्यामा-नरेश मित्तल ने सबके साथ गोवर्धन पर्वत की पूजा अर्चना कर गोवर्धन परिक्रमा लगाई। संचालन मनोहर अग्रवाल ने किया और आभार माना महेश अग्रवाल ने। रविवार को कथा में रुक्मणी विवाह का उत्सव मनाया जाएगा जिसमें श्रद्धालुओं से हल्दी-मेहँदी लगाकर आने का आग्रह किया गया है। कथा 3 से 6 बजे तक होगी।
आज रुक्मणी विवाह – भागवत कथा में रविवार 31 मई को रुक्मणी विवाह तथा सोमवार 1 जून को सुदामा चरित्र की कथा होगी। समापन सोमवार को भागवत महापूजन एवं यज्ञ हवन साथ होगा। कथा 1 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगी।

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