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देश में पहली बार इंदौर में अग्रसेन महासभा की मेजबानी में पांच राज्यों के 80 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों का अमृत महोत्सव मनेगा

देश में पहली बार इंदौर में अग्रसेन महासभा की मेजबानी में पांच राज्यों के 80 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों का अमृत महोत्सव मनेगा

दादा-दादी एवं नाना-नानी का सम्मान उन्हीं के नाती-पोतों और पुत्रों के हाथों कराने का अनूठा आयोजन 15-16 जून को

इन्दौर। अग्रवाल समाज की प्रतिष्ठित एवं अग्रणी संस्था श्री अग्रसेन महासभा ने अब एक और अनूठे आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं जिसमें अखिल भारतीय स्तर पर अग्रवाल समाज के 81 वरिष्ठजनों का अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। संस्था के साथ उनके अपने परिजन भी उन्हें सम्मानित करेंगे। समाज में वरिष्ठजनों के प्रति उनकी तीन पीढ़ियों द्वारा सम्मान, कृतज्ञता, श्रद्धा और परिवार में आत्मीयता के साथ उनकी जीवन भर की तपस्या को नमन, वन्दन और अभिनन्दन करने के उद्देश्य से संभवतः देश में यह अपने किस्म का पहला आयोजन होगा। सोमवार 15 और मंगलवार 16 जून को राजीव गाँधी चौराहा स्थित सौलारिस-शुभ कारज गार्डन पर यह दिव्य आयोजन सम्पन्न होगा।

महासभा के अध्यक्ष राजेश जिंदल, सचिव अनूप सिंघल, स्वागताध्यक्ष विनोद अग्रवाल (अग्रवाल ग्रुप) एवं प्रमुख परामर्शदाता प्रेमचंद गोयल ने बताया कि महासभा के पूर्व अध्यक्ष एवं संस्थापक सदस्य मोहनलाल बंसल अपने जीवन के 81 बसंत पूर्ण कर 16 जून को 82 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस उल्पक्ष्य में महासभा द्वारा देशभर के 81 वरिष्ठजनों को इंदौर आमंत्रित कर अ. भा. स्तर पर उनका अमृत महोत्सव मनाने की योजना बनाई गई है। महासभा की बैठक में इस आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया। इस आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य यह भी है कि परिवार के दूसरी और तीसरी पीढ़ी के बच्चे और युवा अपने बुजुर्गों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव बनाए रखें। इंदौर में जो समारोह होगा उसमें वरिष्ठजनों के 4 परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है जो संस्था के साथ स्वयं भी अपने दादा, दादी या नाना-नानी का अभिनन्दन करेंगे। इंटरनेशनल बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी इसका कवरेज करने आएगी।

आयोजन के परामर्शदाता विष्णु बिंदल, जगदीश बाबाश्री, प्रमुख संयोजक अरुण आष्टावाला एवं संयोजक अरुण जैन ने बताया कि पूरे देश के अग्र बन्धुओं में इस समारोह को लेकर व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। अभी तक मध्यप्रदेश सहित गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश के अनेक शहरों और गाँवों से प्रविष्ठियाँ मिल चुकी हैं। इनमें कुछ वृद्ध तो 96 वर्ष आयु तक के हैं जो अपने परिजनों के साथ आएंगे। कार्यक्रम में आने वाले वरिष्ठजनों और उनके साथ 4 परिजनों के आवास, भोजन एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था संस्था द्वारा पूरी तरह निशुल्क की जाएगी। चूँकि देश में यह इस तरह का पहला आयोजन हो रहा है इसलिए बड़ी संख्या में आवेदन अब तक आ रहे हैं किन्तु स्थान एवं व्यवस्थाओं की उपलब्धता को देखते हुए प्रथम 81 प्रविष्ठियों को ही शामिल करने का निर्णय लिया गया है। देश के प्रमुख नगरों में इस अमृत महोत्सव का विशेष प्रचार किया गया था, यही कारण है कि देशभर से करीब 150 वृद्धजनों की प्रविष्ठियां मिल चुकी हैं लेकिन वरीयता के आधार पर केवल 81 वृद्धजनों को ही इस महोत्सव में शामिल किया जा रहा है।

आयोजन की दिव्यता को देखते हुए महासभा की ओर से जो समिति गठित की गई है उसमें निवृतमान अध्यक्ष कैलाश नारायण बंसल, समन्वयक अरुण जैन, बद्री बंसल, रामनिवास मित्तल, गोपाल गुप्ता, संजय पाटनी, हेमंत गर्ग एवं राजेश बंसल को भी विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। कार्यक्रम में अनेक केन्द्रीय मंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित मंत्रिमंडल के सदस्य एवं देश के अन्य राजनेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में 15 जून की शाम को अन्य राज्यों से आने वाले वृद्धजनों और उनके परिजनों की अगवानी होगी। मुख्य महोत्सव 16 जून को सुबह 9 बजे से प्रारंभ होकर रात 11 बजे तक विभिन्न कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न होगा।

 

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