इंदौर। रुस्तम का बगीचा, मालवा मिल स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला महोत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं एवं दर्शकों ने रामलीला का आनंद लिया।

हृदय को किया भावविभोर
मंचन में प्रभु श्री राम और रावण के मध्य घमासान युद्ध का अद्भुत एवं जीवंत दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभु श्री राम का धैर्य, धर्मनिष्ठा एवं आदर्श नेतृत्व दर्शकों के लिए प्रेरणास्रोत रहा, वहीं लक्ष्मण जी की अपने भ्राता के प्रति समर्पण भावना, साहस और कर्तव्यनिष्ठा ने सभी के हृदय को भावविभोर कर दिया।
लक्ष्मण ने ली – रावण की सीख,
कार्यक्रम संयोजक अन्नू गेहलोत ने बताया कि विशेष रूप से वह प्रसंग अत्यंत शिक्षाप्रद रहा, जब युद्धभूमि में घायल अवस्था में पड़े रावण से लक्ष्मण जी को ज्ञान प्राप्त करने हेतु भेजा गया। रावण ने लक्ष्मण को जीवन, नीति, राजनीति एवं समय के महत्व का गूढ़ उपदेश दिया

* शुभ कार्य में विलंब नहीं करना चाहिए ,* शत्रु को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए * ज्ञान जहाँ से मिले, उसे विनम्रता से ग्रहण करना चाहिए
यह दृश्य दर्शकों को जीवन प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता एवं धर्मनीति की गहन सीख देकर गया। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं पार्षद चिंटू चौकसे, विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री यज्ञेश राठी, गोविंद मंगल प्रदीप कुमावत, चरण सिंह नारंग, मुकेश दांगी, लक्की रघुवंशी प्रभाकर, सहित कई भक्त शामिल हुए


