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CVIC ने शुरू की वैक्यूम असिस्टेड एक्सिशन तकनीक *अब बिना ऑपरेशन भी हटेगी ब्रेस्ट की गांठ, इंदौर में शुरू हुई नई तकनीक

CVIC ने शुरू की वैक्यूम असिस्टेड एक्सिशन तकनीक

*अब बिना ऑपरेशन भी हटेगी ब्रेस्ट की गांठ, इंदौर में शुरू हुई नई तकनीक*

सिर्फ 2–3 मिमी के छोटे चीरे से हटेगी ब्रेस्ट की गांठ

• सुबह इलाज, शाम तक घर: ब्रेस्ट गांठ के उपचार की नई तकनीक

• इंदौर में पहली बार बिना ओपन सर्जरी ब्रेस्ट फाइब्रोएडेनोमा का उपचार

*इंदौर,।* सेंटर फॉर वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल केयर (CVIC), इंदौर ने महिलाओं के लिए राहतकारी कदम उठाते हुए ब्रेस्ट फाइब्रोएडेनोमा के उपचार हेतु वैक्यूम असिस्टेड एक्सिशन तकनीक की शुरुआत की है। यह तकनीक मध्य भारत में पहली बार उपलब्ध कराई गई है और पारंपरिक ओपन सर्जरी की आवश्यकता को समाप्त करती है।

*इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक उडिया ने बताया कि* फाइब्रोएडेनोमा ब्रेस्ट में होने वाली एक सामान्य गांठ है, जिसमें कैंसर नहीं होता और यह युवतियों में पाई जाती है। अधिकांश मामलों में यह दर्दरहित होती है, लेकिन आकार बढ़ने या असुविधा होने पर उपचार आवश्यक हो जाता है। समय पर जांच और आधुनिक तकनीक से इसका सुरक्षित समाधान संभव है।

तकनीक की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए *इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निशांत भार्गव ने कहा कि* चयनित मरीजों में बिना ओपन सर्जरी, केवल 2–3 मिलीमीटर के छोटे प्रवेश बिंदु से गांठ को निकाला जा सकता है। पूरी प्रक्रिया लोकल एनेस्थीसिया में होती है और इसमें बड़े चीरे या टांकों की आवश्यकता नहीं पड़ती। कम दर्द, कम रक्तस्राव, तेज़ रिकवरी और बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम इस तकनीक की प्रमुख विशेषताएं हैं। अधिकांश मरीज उपचार के बाद उसी दिन घर लौट सकते हैं।

*इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शैलेश गुप्ता ने बताया कि* यह तकनीक उन फाइब्रोएडेनोमा के लिए उपयुक्त है जिनकी पहचान क्लीनिकल जांच और इमेजिंग से हो चुकी हो। इसमें सामान्य ऊतकों को सुरक्षित रखते हुए गांठ को सटीकता से हटाया जाता है, जिससे बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम मिलते हैं। वैक्यूम असिस्टेड एक्सिशन एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तकनीक है, जो मरीजों को पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक आरामदायक और सुरक्षित अनुभव प्रदान करती है।

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