ग्रामीण छात्रों की शिक्षा-मदद के लिए विकास साबु सम्मानित
*सेलम,।* साबु ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर और श्री सीताराम सेवा ट्रस्ट (पनामरुथुपट्टी, सेलम) के ट्रस्टी, श्री विकास साबु को आज ग्रामीण शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए एक समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह भारतीय विद्या मंदिर, सेलम द्वारा आयोजित किया गया था।
तमिलनाडु के वाणिज्यिक कर मंत्री, थिरु लोकेश तमिलसेल्वन ने श्री विकास साबु को यह सम्मान प्रदान किया, जो उन्हें श्री सीताराम सेवा ट्रस्ट के माध्यम से चलाई जा रही नि:स्वार्थ शैक्षिक और सामाजिक पहलों के लिए दिया गया है। इस ट्रस्ट के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि साबु और उनका परिवार पिछले करीब बीस वर्षों से इस ट्रस्ट के माध्यम से सेलम तथा पनामारूथुपट्टी ग्राम में ट्रस्ट द्वारा गरीब और मेधावी बच्चों के परीक्षा परिणाम और उनकी पारिवारिक परिस्थिति का आकलन कर, उनके स्कूल व कॉलेज के माध्यम से सीधे आर्थिक मदद देता रहा है। पिछले वर्ष भी इस विद्यालय के छात्रों को ट्रस्ट द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया गया था।
इसके अतिरिक्त, पनामारूथुपट्टी स्थित प्रसिद्ध श्री भक्त वीर हनुमान मंदिर की देखरेख और सेवा भी इसी ट्रस्ट के माध्यम से की जाती है, जहाँ प्रत्येक अमावस्या को आने वाले दर्शनार्थियों के लिए भोजन (अन्नदान) की व्यवस्था की जाती है।
*इस अवसर पर विकास साबु ने अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा* :”ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सी प्रतिभाएं है, जिन्हें सही अवसरों और संसाधनों की जरूरत है। श्री सीताराम सेवा ट्रस्ट का हमेशा से प्रयास रहा है कि आर्थिक कठिनाई किसी होनहार बच्चे के भविष्य और उसके सपनों में बाधा न बने। यह सम्मान हमारी पूरी टीम और परिवार के प्रयासों की सराहना है, जो हमारी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाता है। हम आने वाले समय में भी ग्रामीण शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के अपने इस संकल्प को और अधिक मजबूती के साथ जारी रखेंगे।”

इस गरिमामयी समारोह के दौरान मंच पर सेलम की कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित थीं, जिनमें ऑडिटर श्री अशोक दोरईसामी, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एस.वी. शिवकुमार एवं अधिवक्ता श्री सुरेश नारायण जी भी शामिल थे। अतिथियों ने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए ऐसे सामाजिक प्रयासों की आज देश को बहुत आवश्यकता है।


