इंदौर(विनोद गोयल)। निपान्या स्थित अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) मंदिर परिसर उस समय भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर हो उठा, जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने प्रथम आगमन पर यहां पहुंचे। मंदिर से जुड़े संतों और भक्तों ने इस ऐतिहासिक क्षण को उत्सव में बदल दिया।

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस इंदौर के अध्यक्ष स्वामी महामनदास के सानिध्य में वैदिक मंत्रों की गूंज और मंगलाचरण के बीच मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। इस्कॉन गुरुकुल के वेदपाठी बटुकों ने अपनी मधुर ध्वनि से पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मुख्यमंत्री को शॉल, श्रीफल और भगवान राधा-गोविंद की दिव्य छवि भेंट कर सम्मानित किया गया।
श्री कृष्ण लोक के रुप में विकसित होगा इस्कान मंदिर
इस अवसर पर मंदिर से जुड़े प्रतिनिधियों हरि अग्रवाल, शैलेन्द्र मित्तल और अशोक गोयल ने बताया कि यह क्षण केवल स्वागत का नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास के नए द्वार खोलने का भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष मंदिर परिसर से लगे तालाब और आसपास के क्षेत्र को “श्रीकृष्ण लोक” के रूप में विकसित करने, इस्कॉन मंदिर से एडवांस एकेडमी तक मार्ग का नाम भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद के नाम पर रखने तथा गौशाला के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग रखी।
कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री तुलसी सिलावट सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई।
तालाब के सौंदर्यी करण के लिए 1 करोड़ 77 लाख की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर बड़ी सौगात देते हुए निपान्या तालाब के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए 1 करोड़ 77 लाख रुपये की योजना को मंजूरी देने की घोषणा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी चरणों में और भी विकास योजनाओं को शामिल किया जाएगा।अपने प्रथम मंदिर दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, तत्पश्चात भगवान राधा-गोविंद की आरती और विधिवत पूजन किया। गौवंश की सेवा और पूजन के साथ यह आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण हुई। पूरा वातावरण “हरे कृष्ण” के जयघोष और श्रद्धा की तरंगों से गुंजायमान रहा। मानो इंदौर की धरती पर भक्ति और विकास का एक नया अध्याय प्रारंभ हो रहा हो।


