माँ नर्मदा जिसे आज के कलयुग लोग आस्था के बावजूद लगातार गंदी करते जा रहे है। मां नर्मदा को जहां एक ओर मां की तरह पूजा जाता है वहीं दूसरी ओर मां नर्मदा में जिस तरह से गंदा किया जा रहा है। उससे यह बात तो सिद्ध हो जाती है कि आज के लोग मां नर्मदा के धार्मिक महत्व भूल गए है। मां नर्मदा पूरे मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नदी है बावजूद इसके प्रदेश सरकार मां नर्मदा के संरक्षण को लेकर अब तक गंभीर नहीं हो पाई है। यहीं ओंकारेश्वर में एक संस्था ने वह कर दिखाया जो सरकार भी करने में अब तक पीछे है।
2013 से कर रहे है मां नर्मदा का संरक्षण
मां नर्मदा संरक्षण एंव संवर्धन हेतु 18 नवम्बर 2013 से माँ नर्मदा की सेवा में मातृरक्षा सेवा संगठन सेवारत हैं, इस संगठन का मुख्य उदेश्य माँ नर्मदा संरक्षण और संवर्धन हैं। इस संगठन के माँ नर्मदा सेवकों द्वारा अभी तक ओंकारेश्वर में माँ नर्मदा के घाटों से करीब 980 टन से भी ज्यादा गन्दगी और कचरा निकला जा चुका हैं। इसके साथ ही संस्था के सेवकों द्वारा महेश्वर, खलघाट, सियाराम बाबा आश्रम तथा तीर्थं के आसपास के मंदिरो में भी स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जो निरंतर जारी है।

“माँ नर्मदा बचाओ- जीवन बचाओ”
मातृरक्षा सेवा संगठन एक विशेष अभियान भी निरंतर चला रहा है। संस्था “माँ नर्मदा बचाओ- जीवन बचाओ” के माध्यम से अभी तक लाखों लोगों को जागरूक कर चुका हैं। संस्था के मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस अभियान को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसकी प्रशंसा की थी। संस्था के द्वारा ओंकारेश्वर आने वाले हर प्रसिद्ध व्यक्ति से इस अभियान की द्वारा जनजागरूकता फैलाने की अपील की जाती है।
परिक्रमावासियों को देते है प्रमाणपत्र
संस्था, माँ नर्मदा परिक्रमा करने वाले भक्तों की परेशानी को देखते हुए संस्था ने मां नर्मदा परिक्रमा प्रमाण पत्र निःशुल्क वितरण करना शुरू कर दिया। जिससे उनको यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना न करना पड़े।

आश्रमों में ठहरने में होती है आसानी
परिक्रमा के दौरान आश्रमों में प्रमाण पत्र के माध्यम से परिक्रमा वासी को अपना परिचय देने में आसानी होती है। इसके साथ ही आश्रमों में रुकने की एवं भोजन की व्यवस्था कर सकते हैं, इस परिक्रमा प्रमाण पत्र का वितरण संस्था द्वारा निःशुल्क किया जाता हैं, साथही परिक्रमा मार्गदर्शीका भी निःशुल्क दी जाती है।
माँ नर्मदा की स्वच्छता का दिलाते है संकल्प
प्रतिवर्ष ओंकारेश्वर आने वाले लाखों भक्तों को संख्य़ा को देखते हुवे संस्था द्वारा ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर माँ नर्मदा की महाआरती की जाती हैं। जिसमें आरती के दौरान सभी को माँ नर्मदा के साथ ही देश की समस्त नदियों की स्वच्छता का संकल्प दिलाया जाता हैं।


