अंतिम छोर पर खड़े बंधुओं की मदद से बड़ा कोई पुण्यकार्य नहीं
श्री अग्रसेन महासभा की मेजबानी में देशभर से आए मेहमानों ने किया समाजसेवी मोहनलाल बंसल का सम्मान
इन्दौर। अग्रवाल समाज ने हमेशा सेवा कार्यों को प्राथमिकता दी है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े बंधुओं की मदद करने से बड़ा कोई पुण्यकार्य नहीं हो सकता। कुलदेवी महालक्ष्मी और बुद्धि की देवी सरस्वती का समन्वय यदि कहीं देखना हो तो अग्रवाल समाज को देखें, जहाँ कारोबार और राष्ट्र सेवा से लेकर समाजसेवा के प्रकल्प निरंतर चलते रहते हैं। राष्ट्र पर आने वाली किसी भी तरह की आपदा में भी अग्रवाल बंधुओं के हाथ हमेशा खुले रहते हैं। श्री अग्रसेन महासभा ने अपने नवाचार में इस बार देश के 81 बुजुर्गों का सामूहिक अमृत महोत्सव आयोजित कर अन्य समाजों के लिए भी अनुकरणीय और वन्दनीय मिसाल प्रस्तुत की है। समाज के बुजुर्गों का अनुभव और तरुणाई की ऊर्जा से ही समाज और राष्ट्र का विकास संभव है।
ये प्रेरक विचार हैं देशभर से आए अतिथियों के, जो राजीव गाँधी चौराहा स्थित होटल सौलारिस पर श्री अग्रसेन महासभा की मेजबानी में आयोजित 81 वर्ष से अधिक आयु वाले 5 राज्यों के 81 वरिष्ठजनों के सामूहिक अमृत महोत्सव के दौरान महासभा के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल बंसल के अभिनन्दन समारोह में व्यक्त किए। अ.भा. अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय मंत्री गोपाल अग्रवाल (बोदवड-महाराष्ट्र), बड़ोदा (गुजरात) से आए नन्दलाल गर्ग, नारनोल (हरियाणा) से आए हरिप्रकाश बंसल, भुसावल (महाराष्ट्र) से आए शंकरलाल गुप्ता, जोधपुर (राजस्थान) से आए ओमप्रकाश अग्रवाल एवं मेरठ (उतर प्रदेश) से आए राजेंद्र कुमार गर्ग ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे और इंदौर में अग्रवाल संगठनों की सक्रियता की खुलेमन से सराहना की। सभी वक्ताओं ने वरिष्ठ समाजसेवी ब्रह्मलीन रमेशचंद्र अग्रवाल का विशेष रूप से पुण्य स्मरण किया जिन्होंने जीवन पर्यन्त समाज बंधुओं को एक जाजम पर जमा करने और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महाराजा अग्रसेन के आदर्शों के अनुरूप देशभर में अग्रवाल बंधुओं में सेवा कार्यों का जज्बा बनाए रखा।
प्रारम्भ में महासभा के अध्यक्ष राजेश जिंदल, सचिव अनूप सिंघल, संयोजक अरुण आष्टावाले, पूर्व अध्यक्ष कैलाश नारायण बंसल, सतीश मंगल, गोपाल गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मोहनलाल बंसल के सेवा कार्यों का उल्लेख किया और बताया कि बंसल पिछले 48 वर्षों में समाज में बच्चों के एक हजार से अधिक रिश्ते तय करा चुके हैं। अब तक महासभा के बायोडाटा बैंक में करीब 15 हजार बायोडाटा उपलब्ध हो चुके हैं। वर्ष 2003 से अब तक वे महासभा के एक हजार से अधिक सदस्यों को यूरोप, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, बाली, इंडोनेशिया के साथ ही देश के सभी प्रमुख चारों धाम, केरल, हिमाचल, पचमढ़ी, कामाख्या देवी, नाथद्वारा, बेंगलुरु सहित अनेक स्थानों की यात्रा करा चुके हैं। पिछले वर्ष ही उन्होंने अपनी शादी की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 8 राज्यों के ऐसे 61 जोड़ों को इंदौर आमंत्रित कर उनके विवाह की वर्षगांठ मनाई थी जो देश में अपने किस्म का पहला आयोजन था। अब उन्हीं की प्रेरणा से यह अनूठा आयोजन पहली बार इंदौर में किया जा रहा है ताकि हमारी दूसरी और तीसरी पीढ़ी के सदस्य भी अपने बुजुर्गों के सम्मान का संस्कार जीवित रखें बल्कि उसे और अधिक मजबूती प्रदान करें। वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रेमचंद गोयल, रामनारायण अग्रवाल, पीडी अग्रवाल कांट्रेक्टर, सीए एसएन गोयल, प्रमोद बिंदल, एस एन गोयल समाधान, अजय अग्रवाल, अरुण जैन, रामनिवास मित्तल, नितिन अग्रवाल, अशोक ऐरन, महेंद्र अग्रवाल, बद्री बंसल, राजेश बंसल आदि ने भी बंसल का आत्मीय सम्मान किया। कार्यक्रम में अशोक अग्रवाल तेलवाले, राजेश चौधरी, त्रिलोकचंद्र अग्रवाल, अजय कैलाशचंद्र अग्रवाल, अनिल गर्ग, ओम अग्रवाल कोल, प्रकाश राखोड़ीवाले, विनोद सिंघानिया सहित बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के सदस्य मौजूद थे। श्रीमती चंद्रकला बंसल एवं परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए।
इसके पूर्व मुंबई के प्रसिद्ध कलाकारों ने रेट्रो म्यूजिकल नाईट में पुराने सदाबहार फ़िल्मी गीतों की प्रस्तुतियां देकर पूरे माहौल को जोश और उल्लास के रंग में भिगोए रखा। मुंबई के प्रख्यात गायक प्रशांत नासेरी और उनकी टीम के कलाकारों ने अपने म्यूजिकल ग्रुप के माध्यम से मनोहारी प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उपस्थित समाज बंधुओं को सम्मोहित बनाए रखा। कार्यक्रम की शुरुआत गरिमा शर्मा द्वारा मस्ती की पाठशाला कार्यक्रम से हुई जिसमें वरिष्ठजनों को उनके बचपन की यादें ताजा करने का मनचाहा अवसर मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा अग्रसेन के चित्र पूजन के साथ हुआ।


