इंदौर(विनोद गोयल) सनातनी किन्नर अखाड़े में नया अध्याय: श्री महंत कृष्णापुरी नंदगिरी जी को मिला पद, संन्यास धारण करने वाली दूसरी महिला बनींसनातन धर्म के विस्तार और सेवा कार्यों को नई दिशा देते हुए सनातनी किन्नर अखाड़े से श्री महंत कृष्णापुरी नंदगिरी जी को महत्वपूर्ण पद प्रदान किया गया है।
वे सनातनी किन्नर अखाड़े से संन्यास धारण करने वाली दूसरी महिला बनी हैं। इस अवसर के साथ ही अखाड़े के इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
श्री महंत कृष्णापुरी नंदगिरी जी, महा मण्डलेश्वर कौशल्यानंद नंदगिरी जी jo (प्रयागराज) की आचार्य हैं। गुरुकृपा से प्राप्त इस पद के साथ उन्होंने संकल्प लिया है कि वे अपना संपूर्ण जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गो-सेवा एवं समस्त धार्मिक और सामाजिक सेवा कार्यों को समर्पित करेंगी।
सनातनी किन्नर अखाड़ा, जो समावेशिता और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए जाना जाता है, की संस्थापक दयालपुरी मां (डॉली मां) हैं। वहीं अखाड़े की पीठाधीश्वर श्री गौरी सावंत मां हैं, जिनके मार्गदर्शन में अखाड़ा निरंतर सेवा, साधना और सामाजिक चेतना के कार्य कर रहा है। अखाड़े की एक प्रमुख संत भवानी मां, नागा सन्यासी के रूप में साधना पथ पर अग्रसर हैं। श्री महंत कृष्णापुरी नंदगिरी जी को मिला यह पद न केवल उनके त्याग, तप और साधना का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सनातन परंपरा में सेवा, समर्पण और आध्यात्मिक अनुशासन ही सर्वोच्च हैं। अखाड़े से जुड़े संतों और अनुयायियों ने इसे सनातन धर्म की सुदृढ़ता और सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।


