सराफा विद्या निकेतन पर युवाओं में बढती आत्मनिर्णय की भावना पर हुई दिलचस्प वाद-विवाद स्पर्धा – 15 स्कूलों के बच्चे हुए शामिल
इंदौर। एम.ओ.जी. लाइन्स स्थित सराफा विद्या निकेतन पर शनिवार को “युवाओं में बढती आत्मनिर्णय की भावना समाज के विघटन का कारक है” विषय पर आयोजित वाद-विवाद स्पर्धा में शहर के प्रतिष्ठित 15 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए। प्रख्यात कवि राजीव शर्मा, शिक्षाविद अनिल ओझा के आतिथ्य में आयोजित इस स्पर्धा के पक्ष में चोईथराम स्कूल की मानसी पतंगिया प्रथम, सराफा विद्या निकेतन के अनमोल सादवाने एवं छत्रपति शिवाजी पब्लिक स्कूल की अविष्का शर्मा द्वितीय तथा विपक्ष में माँ उमिया पाटीदार स्कूल की तेजस्वी गढ़ेवाल प्रथम, चोईथराम स्कूल की कृष्टि गाबा द्वितीय विजेता रहे। सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का पुरस्कार चोईथराम स्कूल ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वन्दना के साथ हुआ। स्पर्धा के निर्णायक मंडल में शिक्षाविद राहुल महाशब्दे एवं गाजिंदा शासकीय हाईस्कूल के प्राचार्य गोपालकृष्ण वाणी तथा अत्री देवी विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती कुसुम सेनी शामिल थे। अतिथियों का स्वागत इंदौर चांदी सोना जवाहरात तोल काँटा पारमार्थिक ट्रस्ट एवं सराफा विद्या निकेतन के अध्यक्ष महेंद्र पाटीदार, मंत्री प्रमोद नागर, ट्रस्टी सुशिल गुप्ता, मंत्री बसंत सोनी तथा विद्यालय की प्रबंध समिति के संयोजक द्वय गोपाल नीमा एवं राजेश कोठाना, अशोक शर्मा और एम.ओ.जी लाइन्स सराफा विद्या निकेतन के प्राचार्य आलोक दवे, स्कीम 71 की प्राचार्य श्रीमती सरिता शर्मा एवं नालंदा परिसर स्थित सराफ विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती अंकिता मिश्रा ने किया। मुख्य अतिथि प्रख्यात कवि राजीव शर्मा ने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने भविष्य को सँवारने पर ध्यान दें और जीवन में अनुशासन को बनाए रखें। शिक्षाविद अनिल ओझा ने काव्यमयी प्रस्तुतियों से समां बाँध दिया। राहुल महाशब्दे ने वाद-विवाद स्पर्धा के आयोजन को सार्थक बताया वहीं गोपाल कृष्ण वाणी ने भी कविता की पंक्तियों से बच्चों को प्रेरणा लेने का आह्वान किया। अतिथियों को प्रतीक चिन्ह संचालक मंडल के सदस्यों ने भेंट किए। संचालन किया सुश्री अर्पिता यादव ने और आभार माना श्रीमती लीला शुक्ला ने।


