इंदौर,(विनोद गोयल)। डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में “जल गंगा संवर्धन अभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभ करते हुए कहा कि जल भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और जीवन का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि बिना जल के जीवन की कल्पना संभव नहीं है तथा हमारी परंपराओं में जल का विशेष महत्व रहा है। गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर प्रारंभ हुआ यह अभियान 139 दिनों तक चलेगा और गंगा दशमी तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रदेशभर में लगभग 2500 करोड़ रुपये के जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य किए जाएंगे।

सूखी नदियों को पुनर्जीवित करना है उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत नए तालाबों का निर्माण, पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन, कुओं और बावड़ियों की मरम्मत, नहरों का निर्माण व सुधार, सूखी नदियों को पुनर्जीवित करना तथा भू-जल रिचार्ज के लिए संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 10 हजार से अधिक चेक डैम और स्टॉप डैम के संधारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश के सभी 55 जिलों में एक साथ संचालित होगा और इसका उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर जल स्रोतों को स्थायी बनाना है।
23 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में बिलावली, लिम्बोदी, छोटा सिरपुर और निपानिया तालाब सहित लगभग 23 करोड़ रुपये के जल संरक्षण कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इन परियोजनाओं से जलाशयों की क्षमता बढ़ेगी, जल गुणवत्ता सुधरेगी और शहरवासियों को बेहतर पर्यावरण मिलेगा।
इंदौर को बनाएंगे नंबर वन – महापौर
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से शहर के जल स्रोतों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस अभियान में इंदौर पूरे मध्यप्रदेश में फिर से नंबर वन रहेगा।
जन-जन का आंदोलन बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया।
जल संरक्षण के व्यापक कार्य
अभियान के अंतर्गत किए जा रहे प्रमुख कार्यों में तालाबों का गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण, सैकड़ों कुओं और बावड़ियों का जीर्णोद्धार, जल आवक चैनलों की सफाई और अतिक्रमण हटाना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का विस्तार, रिचार्ज शाफ्ट निर्माण से भू-जल स्तर बढ़ाना, जनजागरूकता अभियान (रैली, साइक्लोथन, श्रमदान आदि), नगर निगम द्वारा अब तक हजारों भवनों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ा जा चुका है और भविष्य में इसे और विस्तार दिया जाएगा।

“विरासत से विकास” की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विरासत से विकास” के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार परंपरा और आधुनिक विकास के संतुलन के साथ आगे बढ़ रही है। जल संरक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सांस्कृतिक एवं धार्मिक सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया, पूजन-अर्चन किया तथा नागरिकों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि जल केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन की आधारशिला है और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
अभियान का उद्देश्य
“जल गंगा संवर्धन अभियान” का मुख्य उद्देश्य है, प्राचीन जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना, जल की गुणवत्ता में सुधार, जनभागीदारी से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना


