जीआरपी इंदौर की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता से दो नाबालिग बालिकाएं सकुशल परिजनों से मिलीं
*इंदौर*- रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर जीआरपी इंदौर की सजगता, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। रेलवे स्टेशन इंदौर के प्लेटफार्म नंबर 01 पर दो असंरक्षित नाबालिग बालिकाएं संदिग्ध अवस्था में घूमती हुई दिखाई दीं। आरक्षक 257 जितेन्द्र पंवार एवं जागरूक यात्री तरुण बंदेवार द्वारा तत्परता दिखाते हुए दोनों बालिकाओं को सुरक्षित थाना जीआरपी इंदौर लाया गया।
थाना पर म.प्र.आर. 219 कलिस्ता लकड़ा द्वारा बालिकाओं से बेहद संवेदनशीलता एवं आत्मीयता के साथ पूछताछ की गई। पूछताछ में ज्ञात हुआ कि दोनों बालिकाएं बिना परिजनों को बताए अपनी नानी के घर जाने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशन पहुंच गई थीं।
जीआरपी स्टाफ द्वारा तत्काल सूझबूझ का परिचय देते हुए बालिकाओं के परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया। सूचना मिलते ही बालिकाओं के माता-पिता थाना जीआरपी इंदौर पहुंचे, जहां उन्हें बच्चों की सुरक्षा एवं पारिवारिक समन्वय बनाए रखने संबंधी आवश्यक समझाइश दी गई। इसके पश्चात विधिवत कार्यवाही पूर्ण कर दोनों बालिकाओं को उनकी माता के सुपुर्द किया गया।
जीआरपी इंदौर की इस संवेदनशील एवं सराहनीय कार्यवाही की आमजन द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है। यह कार्यवाही रेलवे पुलिस की सतर्कता, जिम्मेदारी और मानवता के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।


