*अधिक मास की शुरुआत में साबूदाना एवं फरियाली उत्पादों के दामों में बढ़ौतरी की संभावना आपूर्ति सुनिश्चित करने की पूरी तैयारी का भरोसाः गोपाल साबु*
सेलम : इस वर्ष 17 मई से अधिक मास यानि पवित्र पुरुषोत्तम महीना प्रारंभ हो रहा है। इस दौरान व्रत – उपवास की फलाहारी वस्तुओं की मांग में सामान्यतः उल्लेखनीय वृद्धि होती है। साबु ट्रेड को उम्मीद है कि इस बार साबूदाना, मोरधन, न्यूट्रीदाना, नारियल बूर्रा, साबूदाना पापड़, हल्दी पाउडर, मखाना, फरियाली आटा आदि उत्पादों की मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब डेढ़ गुनी तक बढ़ सकती है, और दामों में कुछ बढ़ौतरी भी देखने को मिल सकती है।
*साबु ट्रेड के संस्थापक चेयरमैन गोपाल साबु ने कहा,* “अधिक मास हमारे ग्राहकों उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत पवित्र समय है। हमारा दायित्व है कि उन्हें शुद्ध, उच्च गुणवत्ता वाले फरियाली उत्पाद आसानी से उपलब्ध हों। हम अपने सभी वितरक भागीदारों के साथ सुनिश्चित कर रहे हैं, कि इस मौसम में पर्याप्त स्टॉक रहे और बिना रुकावट आपूर्ति बनी रहे।”
साबु के अनुसार कसावा कंद का सीजन प्रायः समाप्त हो चुका है, जिसके कारण साबूदाने की आवक कमजोर पड़ गई है। ऐसी स्थिति में साबु ट्रेड ने देश भर के अपने सभी वितरकों, स्टॉकिस्टों एवं व्यापारियों से विशेष आग्रह किया है कि वे इस बार आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें, ताकि उपभोक्ताओं को व्रत-उपवास के समय किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
साबु ट्रेड पिछले चार दशकों से सेलम, तमिलनाडु से पूरे भारत और विदेशों में उच्च गुणवत्ता वाले फरियाली उत्पादों का अग्रणी उत्पादक और निर्यातक रहा है। कंपनी ने अपने विविध ब्रांड्स के माध्यम से ग्राहकों का विश्वास और लोकप्रियता अर्जित की है। सच्चासाबु ब्रांड के अंतर्गत एगमार्क साबूदाना, साबूदाना पापड़, फरियाली आटा और न्यूट्रीदाना जैसे उत्पाद आते हैं। कुकरीजॉकी ब्रांड पोषक मिलेट्स और खिचीया पापड़ के लिए जाना जाता है, जबकि अल्पाहार ब्रांड एगमार्क हल्दी पाउडर, नारियल बूर्रा, मखाना, मोरधन और पोहा जैसे उत्पादों की पेशकश करता है। इन सभी उत्पादों की गुणवत्ता, शुद्धता और स्वाद ने इन्हें पूरे देश में ग्राहकों का प्रिय बना दिया है, जिन्हें लोग पूर्ण विश्वास के साथ खरीदते हैं।
वर्तमान में रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व की अस्थिरता, कोविड के बाद बढ़ी ब्याज दरें, चीन का प्रॉपर्टी संकट, बदलती व्यापार नीतियाँ तथा कृषि उत्पादन में कमी के कारण वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों एवं निर्माण सामग्री की लागत बढ़ी है। इन परिस्थितियों से वैश्विक आर्थिक विकास धीमा पड़ गया है। भारत के बाजारों पर भी निकट भविष्य में इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है। ऐसे समय में साबु ट्रेड गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।


