मोक्षधामों और गोशालाओं में बरसों से समर्पित 14 सेवादारों का अनूठा सम्मान समारोह
श्रद्धा सुमन सेवा समिति की ओर से हंसदास मठ पर संतों और 108 ब्राह्मणों की मौजूदगी में दिया गया मोहनलाल सोनी अलंकरण
इंदौर, । सेवा के कई स्वरुप होते हैं लेकिन हमारी सनातन संस्कृति में मृत्यु के बाद भी ऐसे अनेक प्रावधान मौजूद हैं जिनके बिना मनुष्य को सदगति नहीं मिल सकती। सौलह संस्कारों में अंतिम संस्कार भी एक शास्त्रोक्त विधान है और मुक्ति धामों पर सेवाएँ देने वाले सेवादार इस अंतिम संस्कार के दौरान जो सहयोग प्रदान करते हैं, उनके सम्मान का संकल्प भी सेवा का एक अनुकरणीय और वन्दनीय पुरुषार्थ है। श्रद्धा सुमन सेवा समिति ने मोक्ष धामों पर बरसों से सेवाएँ दे रहे सेवादारों और गोशालाओं में रहकर गोवंश की सेवा करने वाले ग्वालों एवं सेवकों को मोहनलाल सोनी अलंकरण से सम्मानित कर एक नई मिसाल प्रस्तुत की है जिसके लिए समिति की जितनी प्रशंसा की जाए, कम ही होगी।
ये प्रेरक विचार हैं अखंड धाम के महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरुप के, जो उन्होंने एयरपोर्ट रोड स्थित हंसदास मठ पर श्रद्धा सुमन सेवा समिति की मेजबानी में शहर के सात मुक्ति धामों और सात गोशालाओं के सेवादारों के सम्मान समारोह में आशीर्वचन देते हुए व्यक्त किए। समिति के अध्यक्ष हरि अग्रवाल, राजेंद्र सोनी, राजेंद्र गर्ग ने बताया कि हंसदास पीठाधीश्वर श्री महंत स्वामी रामचरण दास एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में इस अवसर पर गोकुलम गोशाला यशवंत सागर पर 8 वर्षों से सेवारत पप्पू चौहान, अखंड धाम गोशाला में पिछले 8 वर्षों से सेवारत शांतिलाल, हंसदास मठ गोशाला में 5 वर्षों से कार्यरत सोनू सेन, नगर निगम की रेशम केंद्र स्थित गोशाला में 12 वर्षों से सेवाएँ दे रहे रवि जाटव और ग्राम सिकन्दरी स्थित श्रीकृष्ण बलदेव गोधाम में 21 वर्षों से सेवारत पीरूलाल के साथ पिछले 15 वर्षों से बीमार गायों की विभिन्न गोशालाओं में पहुंचकर सेवाए देने वाले योगेश होलानी को श्रद्धा निधि के साथ नए वस्त्र और उनके परिजनों सहित माधुर्य भोज पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
इसी तरह जूनी इंदौर मुक्ति धाम पर कार्यरत बबलू, तिलक नगर मुक्ति धाम पर सेवाएँ दे रहे महेश वर्मा, बिचौली मर्दाना मुक्ति धाम पर सेवारत रामदास, बिचौली हप्सी मुक्ति धाम के सोनू, पंचकुइया मुक्ति धाम में पिछले 35 वर्षों से अंत्येष्टि स्थल पर पार्थिव देह के लिए लकड़ी-कंडे ज़माने वाले पूनम खोडे और मुक्ति धाम परिसर में भागवत कथा का आयोजन करने वाले अशोक शारडा को भी करतल ध्वनि के बीच मोहनलाल सोनी अलंकरण से सम्मानित किया गया। प्रारम्भ में अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हंसदास मठ पर चल रहे 108 भागवत पारायण में शामिल विद्वान ब्राह्मण भी इस समारोह के साक्षी बने। समाजसेवी महेंद्र विजयवर्गीय, सूरज सिंह राठोर, मुरलीधर धामानी, विनय जैन, डॉ. चेतन सेठिया, जगमोहन वर्मा, गोकुल पसारी, अशोक बंग, दिलीप गर्ग, ओमप्रकाश फरकिया, गोपाल अग्रवाल, पुरुषोत्तम मेडतवाल आदि ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मातृशक्ति की ओर से राजकुमारी मिश्रा, पुष्पा यादव, सीमा सेन, किरण ओझा आदि ने सभी संतों और सम्मानितजनों की अगवानी की। संचालन हरि अग्रवाल ने किया और आभार माना राजेंद्र सोनी ने।
96 घंटे लगातार मोक्ष धाम में रहे – इनमें से अनेक सेवादार ऐसे हैं जिन्होंने कोरोना काल में लगातार 96 घंटे मोक्ष धाम में रहकर प्रतिदिन 30 से 40 शवों के अंतिम संस्कार में तब सहयोग किया जब उनके अपने परिजन भी शव को हाथ लगाने से परहेज कर रहे थे। ऐसे भीषण दौर में इन सेवादारों ने अंतिम संस्कार सम्पन्न कराए। सम्मान समारोह में संत राजानंद, अशोक गोयल, विजय सोनी, अम्बलेश सोनी विशेष रूप से उपस्थित थे।
श्रद्धा सुमन सेवा समिति ने पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में अपने संस्थापक मोहनलाल सोनी की स्मृति में यह अनूठा सम्मान समारोह संजोया था। सोनी ने 70 वर्षों तक में आदर्श विद्या भवन मुकेरीपुरा एवं आदर्श स्मार्ट किड एकेडमी के माध्यम से शिक्षा दान और श्रद्धा सुमन सेवा समिति के जरिए पिछले 26 वर्षों में 30 हजार से अधिक ज्ञात-अज्ञात दिवंगतों की अस्थियों का देश की पवित्र नदियों में शास्त्रोक्त विधि से विसर्जन किया। वे बिजासन रोड स्थित अखंड धाम पर भी लगातार 50 वर्षों तक संतों की सेवा में समर्पित रहे।


