Surajkund Narmada Parikrama

दाता श्री की नर्मदा परिक्रमा: 15वें दिन की आध्यात्मिक यात्रा पहुंची बिजासन माता मंदिर की ओर

आज की यात्रा बालाजी रोकड़ा हनुमान मंदिर से शुरू हुई, जो राजघाट के निकट स्थित है। यहां से आगे बढ़ते हुए दाता श्री और उनके साथी भक्तों ने दिगंबरदास बाबा आश्रम पर रुककर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान फूल, दीपक और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद यात्रा बिजासन माता मंदिर की ओर अग्रसर हुई। 
दिव्यभूमि न्यूज, 19 नवंबर 2025 – सूरजकुंड वाले दाता श्री अवधेश चैतन्य जी महाराज की पवित्र नर्मदा परिक्रमा यात्रा आज अपने 15वें दिन में प्रवेश कर गई। यह 3,400 किलोमीटर लंबी पदयात्रा, जो हिंदू धर्म की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, नर्मदा नदी की घड़ी की दिशा में परिक्रमा करते हुए आध्यात्मिक लाभ और आत्मिक शांति प्रदान करती है। दाता श्री के नेतृत्व में यह यात्रा भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जहां हर कदम पर “ॐ नमो नारायण” का जयघोष गूंजता है।
आज की यात्रा बालाजी रोकड़ा हनुमान मंदिर से शुरू हुई, जो राजघाट के निकट स्थित है। यहां से आगे बढ़ते हुए दाता श्री और उनके साथी भक्तों ने दिगंबरदास बाबा आश्रम पर रुककर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान फूल, दीपक और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद यात्रा बिजासन माता मंदिर की ओर अग्रसर हुई। 
इस दिन की तस्वीरें दाता श्री को भगवा वस्त्रों में देखती हैं, जहां वे नदी किनारे सामूहिक पूजा का नेतृत्व कर रहे हैं। यह दृश्य नर्मदा परिक्रमा की सांप्रदायिक भक्ति और शारीरिक सहनशक्ति को दर्शाता है, जैसा कि स्कंद पुराण जैसे ग्रंथों में वर्णित है।
Surajkund Narmada parikrama
यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व की है, बल्कि 2020 के बाद बढ़ते ईको-पिलग्रिमेज ट्रेंड का हिस्सा भी है, जहां सोशल मीडिया पर साझा की जा रही तस्वीरें और अपडेट्स लाखों लोगों को प्रेरित कर रही हैं। दाता श्री की यह पदयात्रा  भक्ति, प्रकृति और आत्म-चिंतन का अनूठा संगम है।
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