Surajkund Narmada Parikrama

दाता श्री की नर्मदा परिक्रमा: 16वें दिन की आध्यात्मिक यात्रा भवती से चिखली की ओर

यह यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी भक्तों को मजबूत बना रही है, जहां प्रकृति की गोद में नर्मदा मां के दर्शन से आत्मा की शुद्धि हो रही है।दाता श्री की यह परिक्रमा मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों से गुजरते हुए सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत कर रही है। श्रद्धालु इस यात्रा में सेवा, साधना और भक्ति के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बना रहे हैं।
Surajkund,Kumbhalgarh Rajsamand rajasthan

राजस्थान के राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ तहसील के अरावली के जी जंगल के बीच स्थिति सूरजकुंड  के दाता श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज की पवित्र नर्मदा परिक्रमा यात्रा अब अपने 16वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। यह यात्रा नर्मदा नदी के तटों पर आस्था, भक्ति और आत्मिक शुद्धि का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

स्कंद पुराण में वर्णित इस परिक्रमा को 12 करोड़ तीर्थयात्राओं के समान माना जाता है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।

आज की यात्रा भवती गांव से प्रारंभ हुई, जहां से साधु-संतों और भक्तों का जत्था बिजासन की ओर बढ़ा।

यह यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी भक्तों को मजबूत बना रही है, जहां प्रकृति की गोद में नर्मदा मां के दर्शन से आत्मा की शुद्धि हो रही है।दाता श्री की यह परिक्रमा मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों से गुजरते हुए सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत कर रही है। श्रद्धालु इस यात्रा में सेवा, साधना और भक्ति के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बना रहे हैं।

 

 

 

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