इंदौर(विनोद गोयल)। विश्व जल दिवस के अवसर पर शहर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक पहल की। कृष्णपुरा छत्री घाट पर अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित “कान्ह–सरस्वती नदी पुनर्जीवन संकल्प कार्यक्रम” उत्साह और जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शहर के प्रख्यात पर्यावरणविदों ने जल संरक्षण, नदी स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक समाज सामूहिक रूप से आगे नहीं आएगा, तब तक नदियों का पुनर्जीवन संभव नहीं है।

भावनात्मक और प्रतीकात्मक पहल
सभी नागरिकों ने पहले घाट की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया, तत्पश्चात लोटे और सकोरों के माध्यम से शुद्ध मन से स्वच्छ जल नदी को अर्पित किया। यह दृश्य उपस्थित जनों के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पक्षियों के लिए मिट्टी के सकोरे (जलपात्र) वितरित किए गए, जिससे “जल ही जीवन है” का संदेश केवल मानव तक सीमित न रहकर जीव-जंतुओं तक भी पहुंचे।

कान्ह–सरस्वती नदी के पुनर्जीवन की शपथ दिलाई
कार्यक्रम के दौरान श्याम सुंदर यादव ने सभी को जल संरक्षण और कान्ह–सरस्वती नदी के पुनर्जीवन की शपथ दिलाई, जिसमें उपस्थित नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। शहर के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक इस आयोजन में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन मालसिंह ठाकुर ने प्रभावशाली ढंग से किया, वहीं स्वप्निल व्यास ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को भावनात्मक और रोमांचक समापन दिया। यह आयोजन न केवल एक कार्यक्रम रहा, बल्कि इंदौरवासियों के सामूहिक संकल्प और प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण बन गया।


