जिंदगी और बता तेरा इरादा क्या है – जस्टिस विजय शुक्ला
इंदौर । (भारती जोशी)उच्च न्यायालय खंडपीठ से सेवानिवृति के अवसर पर जस्टिस शुक्ला जी ने अपने उद्बोधन में मुकेश जी की इन लाइनों का जिक्र करते हुए अपने यहां के कार्यकाल में अपने अनुभवों को शेयर किया।जस्टिस शुक्ला जी कार्यशैली की जस्टिस सुबोध अभ्यंकर जी प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।बार संघ के अध्यक्ष मनीष यादव ने इस अवसर पर भावुक होते हुए माहौल को गंभीर बिदाई का बना दिया।कार्यकारिणी पदाधिकारियों एवम सदस्यों ने सभी जस्टिस सहित उनकी उनके परिवार के उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया।इस दौरान अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता सहित काफी संख्या में अधिवक्ता गण उपस्थित थे।जस्टिस शुक्ला जी को उच्च न्यायालय बार संघ ने स्मृति चिन्ह एवम वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद द्विवेदी ने रोहित उज्जैनी,मनीष यादव अभिषेक तुगनावत के साथ स्मृति चिन्ह दिया।कार्यक्रम का समापन डिनर के साथ हुआ।उल्लेखनीय है की इस अवसर पर जस्टिस शुक्ला जी विनोद द्विवेदी जी को जन्म दिन की बधाई देते हुए उनकी गायन की प्रशंसा भी की।


