Eternal Hinduism गीता मंदिर के साथ सब मानवता का भी श्रृंगार बने, यही हमारा संकल्प और लक्ष्य होना चाहिए – स्वामी ज्ञानानंद इंदौर(विनोद गोयल)। सत्संग केवल एक मनोरंजन, प्रदर्शन या आयोजन नहीं बल्कि एक परिवर्तन का नाम है। हमें स्वयं तय करना होगा कि हमारे कर्म किस तरह धर्म बन जाएं। गीता Bharti joshi4 months agoKeep Reading