उदयपुर सहित पूरे मेवाड़ अंचल में अरावली पर्वतमाला को लेकर जनभावनाएं उफान पर हैं. यह वही पर्वत माला है जिसमें रह कर महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई लेकिन
“दक्षिण का कैलाश" कहा जाने वाला यह ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग है, जो आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर एक पहाड़ी पर स्थित है।, जहाँ भगवान शिव (अर्जुन) माता
सोमनाथ मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सोमराज (चंद्रदेव) ने सबसे पहले सोमनाथ में सोने का मंदिर बनवाया था। जिसे बाद
भारत की पवित्र नर्मदा नदी न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि लाखों वनवासी समुदायों की जीवनरेखा भी है। इन्हीं वनवासी समुदायों की स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते
दान का महत्व जीवन में धर्म पालन, समस्याओं से मुक्ति, मन की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के संचार में है। यह केवल धन का नहीं, बल्कि अन्न, वस्त्र, ज्ञान और
आदि शंकराचार्य ने भारत की चारों दिशाओं में चार प्रमुख मठों (पीठों) की स्थापना की और अपने शिष्यों को इनकी जिम्मेदारी सौंपी, जिससे शंकराचार्य परंपरा शुरू हुई। वर्तमान में धार्मिक
इस दुनिया में सफलता पाने के लिए अथवा परलोक संवारने के लिए अगर आप देने और लेने का सिद्धान्त समझ गए तो आपको लोक-परलोक सहित इस ब्रह्माण्ड का एक सबसे
हिंदू धर्म में श्रीमद्भागवत गीता का विशेष महत्व है। श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म का पवित्र और महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जीवन के दुखों का मूल कारण
माघ मेला जिसे ‘मिनी कुंभ’भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक प्राचीन और पवित्र धार्मिक आयोजन है। यह हर साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती
भगवान तो आस्था के भूखे होते है जहां भक्त का मन लग जाए तो उसे भगवान की ओर जाने से कोई नहीं रोक सकता विगत कुछ वर्षों में जब से











