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Health

स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दिव्य संतान प्रकल्प का शंखनाद इंदौर से

इंदौर।  समाज को संस्कारित करने के लिए परिवार पहली श्रेणी में आता है इसके लिए इंदौर से राष्ट्रीय व्यापी दिव्य संतान प्रकल्प गर्भ संस्कार की शुरुआत होने जा रही है,
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गर्भ संस्कार से दिव्य संतान….राष्ट्रव्यापी अभियान का शंखनाद 1 फरवरी को,सीएम रहेगे मुख्य अतिथि

इंदौर।श्रेष्ठ संतान के माध्यम से ही हम परिवार को सुदृढ़, समाज एवं राष्ट्र को स्वस्थ, सशक्त, सुरक्षित एवं समृद्ध बना सकते हैं तथा विश्व में सीसीप्रेम, करुणा एवं शांति की
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इंसान के आज्ञाचक्र और भगवान शिव की तीसरी आंख के बीच का अध्यात्मिक कनेक्शन

भगवान शिव की तीसरी आंख सिर्फ एक पौराणिक कथा है या फिर इंसानी दिमाग का गुप्त हिस्सा?  जानिए कैसे 'आज्ञा चक्र' और पीनियल ग्लैंड के जरिए हम ब्रह्मांड की अनंत
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गुप्त नवरात्र में रोजाना करें मां दुर्गा की आराधना, मिलेगी कृष्टों से मुक्ति, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का करें पाठ

हर साल माघ के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्र की शुरुआत होती है। इस दौरान मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है।
Narmada

नर्मदा जयंती की अमरकंटक में व्यापक तैयारियां, स्नान-पूजा का है अत्यधिक महत्व

भारत में 7 प्रमुख नदियां हैं, उन्हीं में से एक है नर्मदा। इसी नर्मदा नदी से जुड़ी है नर्मदा जयंती जिसे हर साल देश के विभिन्न हिस्सों में मनाया जाता
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गूंजेंगी स्वाहाकार की मंगल ध्वनि, लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के लिए 5 बीघा में विशाल यज्ञशाला तैयार

इंदौर(विनोद गोयल) - बंगाली चौराहा, मयूर हॉस्पिटल के पास स्थित मैदान पर 8 से 14 जनवरी तक होने वाले विराट लक्ष्मीनारायण महायज्ञ की तैयारियां अंतिम दौर में पहुँच गई है।
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भगवान गणेश कौन हैं? आदि शंकराचार्य जी ने ऐसे की है उनकी स्तुति

भगवान गणेश के जन्म को लेकर हम सभी ने सिर्फ एक ही कथा सुनी है लेकिन जो कथा हम सुनते है इसके पीछे का अध्यात्म हम गृहस्थों को आसानी से
Eternal Hinduism

‘कल्पवास’ में एक माह के लिए  सन्यासी बन जाएंगे गृहस्थ, पौष पुणिमा से शुरू हुआ माघ मेला

कल्पवास एक ऐसा समय होता है जब गृहस्थ व्यक्ति किसी पवित्र स्थान जैसे कुंभ मेला माघ मेला या त्रिवेणी संगम पर एक महीने तक रहकर, कठोर नियमों का पालन करता
Devasthan (temple)

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, पिता की गोद में खेलती हुए बेटी मां नर्मदा का अदृश्य दैविक अनुभव

12 बारह ज्योतिर्लिग में से चौथा ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर में स्थित है। भगवान शिव यहां राजा मान्धाता की तपस्या से प्रसन्न हो कर प्रकट हुए
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भगवान कृष्ण के श्राप का प्रायश्चित करने के लिए आज तक अश्वत्थामा कर रहा है मां नर्मदा की परिक्रमा

अष्ट चिरंजीवियों में से एक हैं अश्वत्थामा। महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक अश्वत्थामा, ये कौरवों व पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र थे। हनुमानजी आदि आठ अमर लोगों