इंदौर, नर्मदा साहित्य मंथन के दूसरे दिन शनिवार को देशभर से पधारे विद्वानों ने अपनी बात रखी। विश्व संवाद केंद्र, मालवा और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला
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इंदौर सहित पूरे मध्य प्रदेश के लिए आज का दिन विशेष आस्था और गौरव का है। जीवनदायिनी माँ नर्मदा की जयंती पूरे श्रद्धा-भाव और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह
जीवनदायिनी माँ नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर अहिल्या सेना इंदौर महानगर द्वारा हाथीपाला स्थित पानी की टंकी का विधिवत पूजन कर आरती की गई। इस अवसर पर “जल ही
नर्मदा जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए इंदौर-खंडवा रोड पर यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है। शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में लोग औंकारेश्वर,
इंदौर(विनोद गोयल) । विश्व संवाद केन्द्र मालवा के वार्षिक साहित्योत्सव ‘नर्मदा साहित्य मंथन’ के पंचम सोपान “पंचम् सोपान” का आयोजन 30 जनवरी से 01 फरवरी 2026 तक इन्दौर में होने
इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज इंदौर देश का सबसे तेज़ी से विकसित
भारत में 7 प्रमुख नदियां हैं, उन्हीं में से एक है नर्मदा। इसी नर्मदा नदी से जुड़ी है नर्मदा जयंती जिसे हर साल देश के विभिन्न हिस्सों में मनाया जाता
मां नर्मदा की परिक्रमा पर निकले कई संतों की मां नर्मदा से अलग-अलग कामना होती है। कोई संत सिद्धि के लिए, तो कोई मुक्ति के लिए, तो कोई ज्ञान प्राप्ति
12 बारह ज्योतिर्लिग में से चौथा ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर में स्थित है। भगवान शिव यहां राजा मान्धाता की तपस्या से प्रसन्न हो कर प्रकट हुए
अष्ट चिरंजीवियों में से एक हैं अश्वत्थामा। महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक अश्वत्थामा, ये कौरवों व पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र थे। हनुमानजी आदि आठ अमर लोगों











