अष्ट चिरंजीवियों में से एक हैं अश्वत्थामा। महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक अश्वत्थामा, ये कौरवों व पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र थे। हनुमानजी आदि आठ अमर लोगों
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव और डॉ इशिता नर्मदा परिक्रमा पर निकले हैं। यह देश में पहला मामला है जब किसी सीएम के
अद्भुत छण था वो जब नर्मदा माई अपना भौतिक स्वरूप खोते हुए शांत स्वभाव से अथाह समुद्र मे विलीन हो जाती है। अमरकंटक से सागर तक माई कही रौद्र, कही
ओंकारेश्वर ऐसे तो बहुत ही सिद्ध स्थल है जहां भगवान शिव के साथ उनकी पुत्री मां नर्मदा रहती है। मां नर्मदा के चमत्कारी रूप तो सिर्फ साधु संत ही देख
भारत की पवित्र नर्मदा नदी न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि लाखों वनवासी समुदायों की जीवनरेखा भी है। इन्हीं वनवासी समुदायों की स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते
भक्ति की शक्ति कैसे जागती है इसका एक उदाहरण बनी है प्रतिज्ञा सिंह पटेल जो पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की बेटी है। इन्होने 1330
मंडलेश्वर में श्री राधा विनोद बिहारी भगवान का द्वादश वार्षिक पाट महोत्सव 11 से 16 फरवरी तक मनाया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में संतों का आगमन गांव में होगा। सद
मुकेश नेमा मध्य प्रदेश में एडिशनल कमिश्नर, एक्साइज हैं। हर मुद्दे पर पैनी नज़र बनाए रखने वाले मुकेश नेमा संवेदनशील लेखक भी हैं। अपने दोस्त ओपी श्रीवास्तव जी को नर्मदा
मां नर्मदा के उदगम स्थल अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक के घने जंगलों में माँ नर्मदा मंदिर स्थित है इस मंदिर से लगभग 1 किमी दूर बन रहा है रहस्यमयी
माँ नर्मदा जिसे आज के कलयुग लोग आस्था के बावजूद लगातार गंदी करते जा रहे है। मां नर्मदा को जहां एक ओर मां की तरह पूजा जाता है वहीं दूसरी











